सावन खत्म होते ही महंगा हुआ प्याज, लखनऊ में 65 रुपये किलो

सावन के दौरान बड़ी संख्या में लोग प्याज और लहसुन का सेवन नहीं करते हैं। सावन समाप्त होते ही घरों में प्याज की खपत बढ़ने लगी, जिससे बाजार में इसकी मांग में अचानक तेजी देखने को मिली। बढ़ती मांग का सीधा असर खुदरा कीमतों पर पड़ा है।
लखनऊ के फुटकर बाजार में प्याज की कीमत 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। कारोबारियों के मुताबिक मांग बढ़ने के साथ उपलब्धता और आपूर्ति की स्थिति भी कीमतों को प्रभावित कर रही है।
प्याज की कीमतों में तेजी केवल लखनऊ तक सीमित नहीं है। देश के कई शहरों में खुदरा भाव 60 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच चुके हैं। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक पुराने रबी स्टॉक में कमी और नई फसल की आवक के बीच का मौसमी अंतर भी कीमत बढ़ने की बड़ी वजह है।
बढ़ते प्याज के दाम का असर सीधे आम परिवारों के रसोई बजट पर पड़ रहा है। रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाली इस जरूरी सब्जी की कीमत बढ़ने से घरेलू खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है।
बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने और आपूर्ति बढ़ाने की पहल की है। सरकार की ओर से कुछ स्थानों पर सस्ती दर पर प्याज की बिक्री भी शुरू की गई है, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।



