
तमिलनाडु में सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े एक फैसले को लेकर विरोध के बाद सरकार ने अपना निर्णय वापस ले लिया। सरकार की ओर से सार्वजनिक विभाग से संबंधित RTI मामलों में दी गई छूट को वापस लेने की जानकारी सामने आई है। इस फैसले को लेकर विभिन्न स्तरों पर आपत्तियां और विरोध दर्ज किए गए थे, जिसके बाद सरकार ने अपने पहले के आदेश की समीक्षा करते हुए उसे वापस लेने का निर्णय लिया।
तमिलनाडु में RTI से जुड़े फैसले को वापस लेने के बाद सूचना के अधिकार के तहत सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार के पहले निर्णय के बाद सार्वजनिक विभाग से जुड़ी सूचनाओं को लेकर सवाल उठे थे। विरोध और आपत्तियों के बीच सरकार ने अपने फैसले पर पुनर्विचार किया और संबंधित छूट को वापस लेने का निर्णय लिया।
RTI यानी सूचना का अधिकार कानून नागरिकों को सरकारी विभागों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत जानकारी मांगने का अधिकार देता है। तमिलनाडु सरकार के ताजा कदम के बाद इस मामले में पहले की व्यवस्था बहाल होने की दिशा में कदम माना जा रहा है। हालांकि, संबंधित आदेश और उसके कानूनी प्रभाव के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।



