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गुजराती हिलसा पर बांग्लादेश में विवाद, बंगालियों को क्यों पसंद है इलिश?
हिलसा यानी इलिश मछली बंगाली खान-पान में खास स्थान रखती है। पश्चिम बंगाल से लेकर बांग्लादेश तक इसके स्वाद और अलग-अलग किस्मों को लेकर लोगों की अपनी पसंद है। पद्मा और मेघना नदी की हिलसा को बांग्लादेश में खास तौर पर पसंद किया जाता है, जबकि कोलकाता में भी बांग्लादेश की पद्मा हिलसा की मांग काफी चर्चा में रहती है।
हाल ही में गुजरात के नर्मदा क्षेत्र से बड़ी मात्रा में हिलसा बांग्लादेश पहुंची। रिपोर्ट के अनुसार, 20 जुलाई से 20 सितंबर के बीच बेनापोल के रास्ते करीब 553 टन मछली पहुंची। इसके बाद कुछ व्यापारियों द्वारा इसे कथित तौर पर ‘पद्मा हिलसा’ बताकर बेचने की शिकायतें सामने आईं और स्वाद को लेकर भी स्थानीय बाजारों में चर्चा शुरू हुई।
इलिश की लोकप्रियता सिर्फ उसके स्वाद तक सीमित नहीं है। बंगाली भोजन में सरसों वाली इलिश, भापा इलिश और इलिश भर्ता जैसे व्यंजन लंबे समय से लोकप्रिय हैं। मछली का तेल, खुशबू और नरम मांस इसे खास बनाते हैं। अलग-अलग नदियों और क्षेत्रों की हिलसा के स्वाद में अंतर होने के कारण बंगाली समाज में इसे लेकर एक तरह की खाद्य-संस्कृति भी विकसित हुई है।
गुजरात की हिलसा और पद्मा हिलसा को लेकर मौजूदा बहस इसी स्वाद और क्षेत्रीय पहचान से जुड़ी है। हालांकि, किसी एक किस्म को लेकर पसंद व्यक्ति और क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती है।