Premanand Maharaj: खाना खाते समय मोबाइल देखना सही या गलत? जानें क्या कहा
आज के समय में खाना खाते हुए मोबाइल चलाना, सोशल मीडिया देखना या वीडियो देखना आम आदत बन गई है। प्रेमानंद महाराज के बताए विचारों के अनुसार भोजन केवल शरीर को पोषण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि भोजन के समय मन में चल रहे विचारों और आसपास के वातावरण को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
प्रेमानंद महाराज के अनुसार भोजन करते समय गलत या अशुद्ध सामग्री देखने-सुनने से मन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने भोजन के दौरान भगवान का नाम लेने और अच्छे विचार रखने की सलाह दी है। उनके बताए दृष्टिकोण में भोजन का समय शांत, स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण में बिताना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने भोजन के दौरान विवाद, नकारात्मक सोच और अनावश्यक बातचीत से बचने की बात भी कही है। साथ ही भोजन से पहले हाथ-पैर साफ करने और शांत स्थान पर भोजन करने जैसे पारंपरिक नियमों का उल्लेख किया गया है। ये बातें धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के संदर्भ में हैं, इन्हें वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं लेना चाहिए।
मोबाइल को लेकर उनके व्यापक विचारों में भी फोन को पूरी तरह गलत नहीं बताया गया है। उनके अनुसार मोबाइल एक साधन है, जिसका उपयोग सत्संग और आध्यात्मिक सामग्री के लिए भी किया जा सकता है; समस्या उसके अनियंत्रित या गलत इस्तेमाल से जुड़ती है।



