आज का पंचांग 22 अक्टूबर 2026: पापांकुशा एकादशी, शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग 22 अक्टूबर 2026
आज गुरुवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। इस दिन पापांकुशा एकादशी का व्रत रखा जाता है। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि दोपहर करीब 2:48 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि आरंभ होगी। आज शतभिषा नक्षत्र और वृद्धि योग भी रहेगा।
आज का नक्षत्र और योग
22 अक्टूबर को शतभिषा नक्षत्र रात करीब 8:49 बजे तक रहेगा। इसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र शुरू होगा। वृद्धि योग रात लगभग 11:39 से 11:40 बजे तक रहने के बाद ध्रुव योग आरंभ होगा। ये समय पंचांग की गणना पर आधारित हैं और स्थान के अनुसार इनमें अंतर हो सकता है।
आज के शुभ मुहूर्त
नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार, 22 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:54 बजे से 5:42 बजे तक बताया गया है। लखनऊ में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:28 बजे से दोपहर 12:13 बजे तक रहेगा। पूजा या शुभ कार्य के लिए अपने शहर का स्थानीय पंचांग देखना बेहतर है।
आज राहुकाल का समय
नई दिल्ली के पंचांग में राहुकाल दोपहर 1:30 बजे से 2:55 बजे तक दिया गया है, जबकि लखनऊ में यह दोपहर 1:16 बजे से 2:41 बजे तक है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इस अवधि में शुभ कार्य शुरू करने से बचा जाता है। ध्यान रखें कि राहुकाल का समय शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर बदलता है।
पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा कैसे करें?
धार्मिक परंपरा के अनुसार, एकादशी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की पूजा करें। उन्हें पीले फूल, फल और तुलसी दल अर्पित किए जा सकते हैं। श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार विष्णु मंत्रों का जाप, एकादशी व्रत कथा का पाठ और आरती कर सकते हैं। जरूरतमंदों को भोजन या उपयोगी वस्तुओं का दान करना भी इस दिन की धार्मिक परंपराओं में शामिल है।
पापांकुशा एकादशी व्रत का पारण कब करें?
पापांकुशा एकादशी का पारण शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को द्वादशी तिथि में किया जाएगा। उपलब्ध पंचांग स्रोत के अनुसार, पारण का समय सुबह 5:45 बजे से 8:00 बजे तक है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को पारण से पहले अपने शहर के पंचांग में दिए गए समय की पुष्टि करनी चाहिए।
आज का पंचांग एक नजर में
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दिन: गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
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तिथि: आश्विन शुक्ल एकादशी, दोपहर करीब 2:48 बजे तक
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नक्षत्र: शतभिषा, रात करीब 8:49 बजे तक
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योग: वृद्धि, रात करीब 11:40 बजे तक
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व्रत: पापांकुशा एकादशी
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राहुकाल: स्थान के अनुसार अलग-अलग
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पारण: 23 अक्टूबर, शुक्रवार
नोट: पंचांग के समय अलग-अलग शहरों और गणना पद्धतियों के अनुसार बदल सकते हैं। व्रत, पूजा और पारण के लिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें। धार्मिक फल और शुभ-अशुभ समय से जुड़ी बातें पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं।



