जितिया व्रत कथा 2026: पढ़ें जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा

जितिया व्रत को जीवित्पुत्रिका व्रत और जिउतिया के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं। इस दौरान पूजा-पाठ और व्रत कथा का विशेष महत्व माना जाता है।
जितिया व्रत की कथा का संबंध जिमूतवाहन से जोड़ा जाता है। कथा में जिमूतवाहन के त्याग और परोपकार का प्रसंग बताया जाता है। मान्यता के अनुसार व्रत रखने वाली महिलाएं पूजा के दौरान इस कथा को सुनती या पढ़ती हैं।
व्रत कथा के पाठ के साथ श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं। कई परिवारों में कथा सुनने के बाद आरती और प्रार्थना करने की भी परंपरा है। अलग-अलग क्षेत्रों में जितिया व्रत की पूजा विधि और कथा के पाठ में स्थानीय परंपराओं के अनुसार कुछ अंतर मिल सकता है।
जितिया व्रत कथा से जुड़े फल और धार्मिक लाभ आस्था एवं परंपरागत मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित परिणाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। व्रत रखने वालों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उपवास से जुड़े उचित निर्णय लेने चाहिए।



