Gold Silver Price: सोना-चांदी तोड़ेंगे रिकॉर्ड? अजय केडिया की राय

सोने-चांदी को लेकर क्यों बनी हुई है उम्मीद?
सोने और चांदी को निवेश के महत्वपूर्ण विकल्पों के रूप में देखा जाता है। आर्थिक अनिश्चितता या बाजार में जोखिम बढ़ने पर कुछ निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ओर रुख करते हैं। वहीं, चांदी की कीमत पर निवेश मांग के साथ-साथ औद्योगिक उपयोग का भी असर पड़ता है।
अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों का असर
अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। इसी तरह, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी नीतियां भी निवेशकों के फैसलों पर असर डालती हैं। ब्याज दरों में संभावित बदलाव की उम्मीद से कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
केंद्रीय बैंकों की खरीद पर नजर
दुनिया के विभिन्न केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की खरीद की मांग को बाजार के महत्वपूर्ण कारकों में गिना जाता है। यदि केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार में वृद्धि करते हैं, तो इससे सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, कीमतों पर असर खरीद की मात्रा और बाजार की अन्य परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है।
चांदी की औद्योगिक मांग भी अहम
चांदी का उपयोग सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है। इन क्षेत्रों में मांग बढ़ने से चांदी की कीमतों को समर्थन मिल सकता है। दूसरी ओर, औद्योगिक गतिविधियों में सुस्ती आने पर इसकी मांग प्रभावित हो सकती है। इसलिए चांदी में निवेश करते समय औद्योगिक मांग और आपूर्ति दोनों पर ध्यान देना जरूरी है।
क्या सोना-चांदी बनाएंगे नया रिकॉर्ड?
अजय केडिया की तेजी को लेकर राय के बावजूद सोने और चांदी में नए रिकॉर्ड बनने की संभावना को निश्चित नहीं माना जा सकता। वैश्विक आर्थिक आंकड़े, डॉलर की चाल, ब्याज दरें, निवेशकों की मांग और अंतरराष्ट्रीय तनाव आगे की दिशा तय करने में भूमिका निभाएंगे। निवेशकों को खरीदारी से पहले मौजूदा भाव, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि का आकलन करना चाहिए।
नोट: सोने-चांदी की कीमतों का पूर्वानुमान बाजार विशेषज्ञों की राय पर आधारित होता है, इसकी गारंटी नहीं होती। निवेश का निर्णय लेने से पहले ताजा बाजार भाव और अपने वित्तीय लक्ष्यों की जांच करें।



