योगी आदित्यनाथ ने 18.78 लाख छात्रों को दी ₹944.55 करोड़ की छात्रवृत्ति, डीबीटी से सीधा खातों में पैसा

उत्तर प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया। दिनांक 25 जनवरी, 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमतीनगर, लखनऊ में आयोजित छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति अंतरण कार्यक्रम के अवसर पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निष्पक्ष एवं पारदर्शी डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रक्रिया के माध्यम से 18,78,726 छात्र एवं छात्राओं के बैंक खातों में कुल ₹944.55 करोड़ की राशि का अंतरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी गरीब, पिछड़ा, दलित या अल्पसंख्यक वर्ग का छात्र आर्थिक अभाव के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे। डीबीटी प्रणाली के माध्यम से छात्रवृत्ति सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाएं विद्यार्थियों को न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित भी करती हैं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वर्गों—अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदाय—के छात्र-छात्राओं को इस योजना का लाभ दिया गया। योगी सरकार की यह पहल ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना को साकार करती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रवृत्ति वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी न हो तथा पात्र विद्यार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि डिजिटल व्यवस्था अपनाने से भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा है और शासन-प्रशासन की जवाबदेही बढ़ी है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सभी लाभार्थी छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे शिक्षा के माध्यम से प्रदेश और देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।



