योगी आदित्यनाथ का बच्चों से विशेष लगाव: एक बार कहने पर ही कराते हैं एडमिशन, देते हैं चॉकलेट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न केवल एक मजबूत प्रशासक और कठोर निर्णय लेने वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व का एक बेहद भावुक और संवेदनशील पक्ष भी है। खासकर बच्चों के प्रति उनका स्नेह और लगाव लोगों को हमेशा प्रभावित करता है। योगी जी का मानना है कि बच्चे ही राष्ट्र का भविष्य हैं, इसलिए उनका शिक्षित और संस्कारी होना सबसे आवश्यक है।
योगी आदित्यनाथ जब भी जनता से मिलते हैं तो बच्चे उनके विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं। वे न केवल उनसे आत्मीय बातचीत करते हैं बल्कि उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए चॉकलेट भी बांटते हैं। यह उनकी सहजता और मानवीय संवेदना को दर्शाता है। कई बार ऐसा भी देखा गया है कि कोई परिवार मुख्यमंत्री से अपने बच्चे के एडमिशन को लेकर गुहार लगाता है तो योगी जी तुरंत अधिकारियों को निर्देश देते हैं और सिर्फ एक बार कहने पर ही बच्चे का प्रवेश सुनिश्चित करवा देते हैं। यह बच्चों की शिक्षा के प्रति उनकी गंभीरता और समर्पण का स्पष्ट प्रमाण है।
शिक्षा को समाज की रीढ़ मानने वाले योगी आदित्यनाथ लगातार राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर देते रहे हैं। उन्होंने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ जैसी योजनाओं से प्राथमिक विद्यालयों का स्वरूप बदला है। आधुनिक तकनीक, स्मार्ट क्लास और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर देकर वे बच्चों को बेहतर भविष्य देने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए छात्रवृत्ति और मुफ्त यूनिफॉर्म जैसी योजनाओं का भी विस्तार किया गया है।
योगी आदित्यनाथ का यह मानना है कि बच्चे सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि संस्कारों से भी जीवन में आगे बढ़ते हैं। यही कारण है कि वे बच्चों को हमेशा अनुशासन, मेहनत और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देते हैं। उनकी यह सोच समाज में शिक्षा के महत्व को और भी मजबूत बनाती है।
जनता दर्शन जैसे कार्यक्रमों में अक्सर यह नजारा देखने को मिलता है कि छोटे-छोटे बच्चे योगी जी से मिलकर उत्साहित हो जाते हैं। उनके चेहरे पर मुस्कान और बच्चों को गोद में उठाकर या चॉकलेट देकर अपनापन जताना यह दर्शाता है कि वे सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि एक अभिभावक की भूमिका भी निभाते हैं।
संक्षेप में कहा जाए तो योगी आदित्यनाथ का बच्चों से लगाव उनके व्यक्तित्व का सबसे मानवीय पहलू है। वे न केवल बड़े-बुजुर्गों की समस्याओं का समाधान करते हैं बल्कि बच्चों की शिक्षा और भविष्य को लेकर भी हमेशा गंभीर रहते हैं। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश के लोग उन्हें केवल एक सख्त प्रशासक नहीं बल्कि एक संवेदनशील नेता और बच्चों के सच्चे मित्र के रूप में भी देखते हैं।



