
नेपाल में बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ आ गई। हादसे में अब तक 95 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 105 भारतीयों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं।
बाढ़ का असर नेपाल से सटे भारतीय राज्यों तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार में अलर्ट जारी किया गया है। सीमावर्ती जिलों में प्रशासन को लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार में गंडक नदी से जुड़े इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। राज्य के छह जिलों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों को तटबंधों और गंडक बैराज की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के नेपाल सीमा से लगे इलाकों में भी प्रशासन को सतर्क किया गया है। संभावित जलस्तर बढ़ने और बाढ़ के असर को देखते हुए स्थानीय अधिकारियों को राहत एवं बचाव व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक 105 भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। भारतीय अधिकारी नेपाल के प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में हैं तथा लापता लोगों की तलाश और सहायता के प्रयास जारी हैं।
भारत सरकार ने भी नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री और जरूरी दवाइयां भेजने की तैयारी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के नेतृत्व से संपर्क कर हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।
नेपाल में आई इस आपदा का असर नदियों के जलस्तर के जरिए भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में पड़ सकता है। ऐसे में अगले कुछ समय तक यूपी और बिहार के नदी किनारे बसे इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
कुल मिलाकर, नेपाल की भीषण फ्लैश फ्लड के बाद यूपी और बिहार में प्रशासन हाई अलर्ट पर है। एक ओर नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है, वहीं भारत में सीमावर्ती इलाकों में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन को सक्रिय रखा गया है।



