अनंत भगवान की आरती: ओम जय अनंत हरे, प्रभु जय अनंत हरे, पढ़ें आरती

अनंत भगवान की आरती “ओम जय अनंत हरे, प्रभु जय अनंत हरे” से शुरू होती है। आरती में भगवान के शेष शैया पर विराजमान स्वरूप, पीतांबर, शंख और चक्र का वर्णन किया गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अनंत भगवान को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है। अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा के साथ अनंत सूत्र धारण करने की भी परंपरा है। इस सूत्र में 14 गांठें लगाई जाती हैं।
आरती में भक्त भगवान अनंत से दुख-दरिद्रता दूर करने, संकटों से रक्षा करने और जीवन में भक्ति व सद्बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं। श्रद्धालु आरती के दौरान भगवान का ध्यान और जयकारा करते हैं।
अनंत चतुर्दशी 2026 में 25 सितंबर को मनाई जा रही है। इस दिन भगवान अनंत की पूजा, अनंत सूत्र धारण करने और कथा-आरती का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है।
अगर आप अनंत चतुर्दशी पर भगवान अनंत की आरती करना चाहते हैं, तो यहां “ओम जय अनंत हरे” आरती के पूरे बोल पढ़कर श्रद्धापूर्वक पाठ कर सकते हैं।



