नेपाल त्रासदी से कुछ घंटे पहले उसी रास्ते से गुजरे थे लखनऊ के डॉक्टर

नेपाल की त्रासदी के बाद लखनऊ के डॉ. आशुतोष गुप्ता की कहानी सामने आई है। वह घटना से कुछ घंटे पहले ही उसी रास्ते से होकर निकले थे, जहां बाद में भयावह हादसा हुआ। घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्हें अपनी यात्रा और उस रास्ते के दृश्य बार-बार याद आ रहे हैं।
डॉ. आशुतोष गुप्ता नेपाल यात्रा पर गए थे। जिस मार्ग से उन्होंने सामान्य रूप से सफर किया था, उसी जगह पर कुछ घंटों बाद त्रासदी ने सबकुछ बदल दिया। समय का यह अंतर उनके लिए किसी भयावह संयोग से कम नहीं है।
हादसे की खबर मिलने के बाद डॉक्टर और उनके परिवार की चिंता बढ़ गई। उन्हें यह एहसास हुआ कि अगर उनकी यात्रा का समय थोड़ा अलग होता तो वह भी उस त्रासदी की चपेट में आ सकते थे।
डॉ. आशुतोष के लिए यह अनुभव बेहद डरावना रहा है। घटना के बाद से वह मानसिक रूप से विचलित हैं और उस रास्ते से गुजरने के दौरान देखे गए माहौल को याद कर अब भी भयभीत हो जाते हैं।
ऐसी घटनाएं यात्रियों को यह भी याद दिलाती हैं कि पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में यात्रा के दौरान मौसम, सड़क की स्थिति और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लेना कितना जरूरी है।
नेपाल में हुई इस त्रासदी ने वहां मौजूद लोगों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी। हादसे के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव से जुड़ी गतिविधियों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
डॉ. आशुतोष गुप्ता का अनुभव एक ऐसे सफर की कहानी है, जो कुछ घंटे के अंतर से जिंदगी और मौत के बेहद करीब पहुंच गया था। हादसे के बाद उस रास्ते से सुरक्षित निकल आने की बात उनके लिए राहत के साथ-साथ जिंदगी की अनिश्चितता का एहसास भी कराती है।



