यूपी बना देश का सबसे युवा बस फ्लीट वाला राज्य, 23 बस अड्डे होंगे एयरपोर्ट जैसे

उत्तर प्रदेश के परिवहन क्षेत्र में तेजी से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार यूपी रोडवेज की बसों की औसत उम्र अब 5 साल 3 महीने है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश को देश का सबसे युवा बस फ्लीट वाला राज्य बताया गया है। सरकार का जोर यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने पर है।
प्रदेश ने वाहन स्क्रैप पॉलिसी के मामले में भी देश में पहला स्थान हासिल किया है। पुराने और अनुपयुक्त वाहनों को हटाकर नए वाहनों को परिवहन व्यवस्था में शामिल करने से सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। केंद्र की वाहन स्क्रैपिंग नीति का उद्देश्य भी पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर सुरक्षित एवं कम प्रदूषण वाले वाहनों को बढ़ावा देना है।
यूपी रोडवेज के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को भी लगातार शामिल किया जा रहा है। सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों के लिए 3,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। हालिया कैबिनेट फैसले में 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई है।
बसों के आधुनिकीकरण के साथ यात्रियों के लिए बस अड्डों को भी हाईटेक बनाने की योजना पर काम चल रहा है। प्रदेश के 23 बस टर्मिनलों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा गोमतीनगर में एक आधुनिक बस डिपो और अमौसी क्षेत्र में नया आधुनिक बस टर्मिनल विकसित करने की योजना है।
गोमतीनगर में आधुनिक बस डिपो के निर्माण पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की योजना है। वहीं अमौसी क्षेत्र में करीब 600 करोड़ रुपये और चारबाग रेलवे स्टेशन के पास नए बस टर्मिनल के लिए करीब 250 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। छह से अधिक नए बस टर्मिनलों को भी मंजूरी दी गई है, जिनमें 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा।
सरकार की योजना केवल बसों और बस अड्डों के आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं है। परिवहन व्यवस्था में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं। यूपी ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करने के मामले में देश में दूसरे और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में तीसरे स्थान पर बताया गया है।
महिला यात्रियों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रोडवेज की बसों में GPS और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बसों की ऑनलाइन निगरानी के साथ उन्हें 1090 सेवा से भी जोड़ा गया है, ताकि महिला यात्रियों से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
कुल मिलाकर, यूपी का सबसे युवा बस फ्लीट, स्क्रैप पॉलिसी में नंबर-1 स्थान और 23 बस अड्डों का एयरपोर्ट की तर्ज पर विकास प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने की कोशिश है। आने वाले समय में नई बसों, इलेक्ट्रिक वाहनों और आधुनिक टर्मिनलों से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।



