विकास परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, CM योगी के सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि विकास परियोजनाओं में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित भूमि अधिग्रहण, टेंडर और विभागीय समन्वय से जुड़े मामलों का तत्काल समाधान करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ परियोजनाओं की घोषणा या मंजूरी तक सीमित नहीं है। जरूरी है कि परियोजनाएं तय समयसीमा में जमीन पर उतरें और उनका वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचे। इसके लिए अधिकारियों की नियमित समीक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे को केवल यातायात सुविधा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इनके आसपास औद्योगिक गतिविधियों, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने वाले आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए टेंडर प्रक्रिया और विभिन्न लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 91.28 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा होने की जानकारी दी गई। वहीं आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी लिंक और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई।
बैठक में ग्राम पंचायतों में बनाई जा रही डिजिटल लाइब्रेरियों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि डिजिटल लाइब्रेरियों को केवल किताबें रखने की जगह न बनाकर ग्रामीण विद्यार्थियों और युवाओं के लिए अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल ज्ञान के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल लाइब्रेरियों से जुड़े सभी आवश्यक कार्य 30 सितंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
बैठक में बिजली व्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों की पहचान कर उसके वास्तविक कारणों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बिजली चोरी रोकने के साथ बिलिंग और वसूली व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया गया।
अग्नि सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और होटल-गेस्ट हाउस में फायर सेफ्टी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने फायर एनओसी से संबंधित प्रभावी डिजिटल डेटाबेस तैयार करने और एनओसी की अवधि समाप्त होने से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कराने को कहा।
वहीं, जीरो पावर्टी अभियान की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पात्र परिवारों को आवास समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया। अधिकारियों को पात्र परिवारों को राशन, आयुष्मान कार्ड, शौचालय, आवास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों से साफ है कि सरकार अब विकास परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार निगरानी और समयसीमा के पालन पर विशेष जोर दे रही है। खासतौर पर डिजिटल लाइब्रेरियों को ग्रामीण युवाओं के लिए उपयोगी केंद्र बनाने की दिशा में 30 सितंबर की डेडलाइन महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



