‘जिस कांग्रेस के खिलाफ मुलायम ने बनाई सपा, उसी से अखिलेश का गठबंधन’, दयाशंकर सिंह का तीखा हमला
'सपा का कांग्रेस से गठबंधन करना मुलायम के विचारों का अपमान करना है', अखिलेश पर दयाशंकर सिंह का हमला

लखनऊ, 1 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और दयाशंकर सिंह ने तीखा हमला बोला है। दयाशंकर सिंह ने कहा कि जिस समाजवादी पार्टी का गठन नेताजी मुलायम सिंह यादव ने कांग्रेस के विरोध में किया था आज उसी के साथ अखिलेश यादव चुनावी गठबंधन कर रहे हैं। ये नेताजी के विचारों का अपमान है। वहीं, संजय निषाद ने कहा कि जनता अखिलेश यादव पर भरोसा नहीं करती है।
‘2027 के लिए जनता अपना फैसला ले चुकी है’
संजय निषाद ने कहा कि 2027 चुनाव के लिए जनता अपना फैसला ले चुकी है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद जिस तरह उत्तर प्रदेश में विकास के कार्य हुए हैं उससे जनता ने अपना मन पहले ही बना लिया है। सपा के झूठे वादों पर अब जनता को भरोसा नहीं है।
अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने की संभावना के सवाल पर संजय निषाद ने कहा कि जनता जज है। वो फैसला करेगी। लेकिन कभी-कभी जितना बोला जाता है, उसका उल्टा ही होता है।
कांग्रेस-सपा के गठबंधन पर दयाशंकर सिंह का पलटवार
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अखिलेश यादव के कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव ने कांग्रेस के खिलाफ समाजवादी पार्टी का निर्माण किया था। दयाशंकर सिंह ने कहा कि जिस कांग्रेस के खिलाफ मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी का निर्माण किया, आज अखिलेश यादव उसी के साथ गठबंधन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन स्वार्थ पर आधारित है और अखिलेश यादव को अपने पिता के सम्मान में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए।
लूट के लिए अखिलेश ने बनाया था एक्सप्रेसवे
दयाशंकर सिंह ने कहा कि अखिलेश के कार्यकाल में केवल लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे बना था। उसमें भी जमकर भ्रष्टाचार हुआ। दयाशंकर सिंह ने कहा कि वर्तमान योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में अलग-अलग एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। पूरे प्रदेश में बेहतर सड़कों का नेटवर्क तैयार हुआ है।
सपा सरकार में पत्रकार को जिंदा जलाया गया
अखिलेश यादव की ओर से पत्रकारों के सम्मान की बात किए जाने पर दयाशंकर सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश राज में शाहजहांपुर में एक पत्रकार को जिंदा जला दिया गया था। अखिलेश खुद पत्रकारों का अपमान करते हैं। आज चुनाव नजदीक देख वो पत्रकारों के सम्मान का दिखावा कर रहे हैं, लेकिन असलियत सभी को पता है।



