आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलेगी 1 अतिरिक्त साड़ी
अब 3 साल में 1 की जगह हर साल मिलेगी अतिरिक्त साड़ी

लखनऊ, 09 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अब विभागीय कार्यों के बेहतर संपादन और कार्यस्थल पर निर्धारित वेशभूषा में काम करने के लिए 1 अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराई जाएगी। इस फैसले से प्रदेश के कुल 3,80,290 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभ मिलेगा। राज्य सरकार इस पर करीब 19.02 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
हर साल मिलेगी एक अतिरिक्त साड़ी
केंद्र सरकार की केंद्र प्रायोजित योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं और 14 से 18 वर्ष तक की किशोरी बालिकाओं को अनुपूरक पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है। इन सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वर्तमान व्यवस्था के तहत सामान्य योजना में केंद्र और राज्यांश के 60:40 अनुपात में प्रतिवर्ष दो साड़ियां उपलब्ध कराई जाती हैं। अब इसके अतिरिक्त एक साड़ी और दी जाएगी।
3.80 लाख से अधिक कर्मियों को लाभ
प्रदेश में 1,90,145 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 1,90,145 कार्यकर्ताओं और 1,90,145 सहायिकाओं के पद स्वीकृत हैं। इस तरह कुल 3,80,290 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य विभागीय कार्यों के दौरान निर्धारित वेशभूषा सुनिश्चित करने के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में काम करने वाली कर्मियों को व्यावहारिक राहत देना है।
19.02 करोड़ रुपये का आएगा खर्च
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण और मैदानी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों को निर्धारित वर्दी के नियमित उपयोग, धुलाई, प्रतिकूल मौसम और आकस्मिक परिस्थितियों में साड़ी के गंदा या खराब हो जाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है। प्रति साड़ी 500 रुपये की दर से राज्य सरकार पर कुल 19,01,45,000 रुपये का अनुमानित वित्तीय भार आएगा, जो लगभग 19.02 करोड़ रुपये है।



