अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी में होंगे बड़े कला आयोजन
अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी में प्रस्तावित इन तीन कला आयोजनों के जरिए उत्तर प्रदेश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। अयोध्या में 22 से 26 अक्टूबर तक ‘राम, रामायण और अयोध्या’ राष्ट्रीय कार्यशाला एवं व्याख्यान श्रृंखला आयोजित होगी। इसमें 25 कलाकार और 10 विशेषज्ञ शामिल होंगे।
राजधानी लखनऊ में 18 से 22 नवंबर तक राज्य ललित कला अकादमी की ओर से ‘लोकधारा’ लोक एवं पारंपरिक कला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 35 से 40 लोक एवं पारंपरिक कला साधक हिस्सा लेंगे। लखनऊ और आसपास के संस्थानों के 25 चयनित वरिष्ठ कला विद्यार्थी भी इस शिविर का हिस्सा बनेंगे।
‘लोकधारा’ शिविर में गोंड, भील, गोदना, पिथौरा, राजस्थानी, कोहबर और मधुबनी जैसी पारंपरिक कला शैलियों को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। इससे अलग-अलग क्षेत्रों की लोक कला परंपराओं को कलाकारों और विद्यार्थियों के बीच साझा करने का अवसर मिलेगा।
वहीं, वाराणसी में दिसंबर के दूसरे सप्ताह में गंगा तट पर चार दिवसीय ‘काशी फ्लो’ अंतरराष्ट्रीय कला शिविर एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इस आयोजन में काशी, गंगा और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को कला के माध्यम से प्रस्तुत करने की योजना है।
इन आयोजनों में वरिष्ठ कलाकारों के साथ युवा कलाकार और कला विद्यार्थी भी भाग लेंगे। आयोजकों के अनुसार, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पारंपरिक कला और नई पीढ़ी के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा देश की विविध कला परंपराओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।



