गोरखपुर बनेगा नॉलेज सिटी, MGUG में 5 साल में 53 कोर्स

पूर्वी उत्तर प्रदेश में गोरखपुर तेजी से शिक्षा और चिकित्सा के बड़े केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (MGUG) के पांच वर्ष पूरे होने के साथ इसकी उपलब्धियां भी चर्चा में हैं। वर्ष 2021 में 12 पाठ्यक्रमों के साथ शुरू हुई विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा अब 53 विशिष्ट और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों तक पहुंच चुकी है।
MGUG में मेडिकल साइंस, नर्सिंग, पैरामेडिकल, कृषि, फार्मेसी, प्रबंधन, कंप्यूटर एप्लीकेशन और शोध से जुड़े कई पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। विश्वविद्यालय की मौजूदा सूची में MBBS, BAMS, नर्सिंग, बायोटेक्नोलॉजी, फोरेंसिक साइंस, फार्मेसी, BBA, BCA और MCA जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।
विश्वविद्यालय का विस्तार केवल डिग्री कोर्स तक सीमित नहीं है। चिकित्सा शिक्षा के साथ अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं का भी विकास किया गया है। विश्वविद्यालय की परिकल्पना शिक्षा, चिकित्सा, अनुसंधान और कौशल विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की है, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर मिल सकें।
रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष जोर MGUG की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। नर्सिंग और पैरामेडिकल से लेकर कृषि, फार्मेसी और हेल्थकेयर मैनेजमेंट तक के पाठ्यक्रम युवाओं को बदलती रोजगार जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर केंद्रित हैं। 2026-27 के प्रवेश पोर्टल पर भी विश्वविद्यालय विभिन्न क्षेत्रों के कई कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध करा रहा है।
गोरखपुर को ‘नॉलेज सिटी’ के रूप में विकसित करने की सोच भी लंबे समय से सामने आती रही है। इसी दिशा में उच्च शिक्षा, मेडिकल शिक्षा और शोध संस्थानों का विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है। MGUG का बढ़ता शैक्षणिक दायरा इस लक्ष्य को मजबूती देने वाली पहल के तौर पर देखा जा सकता है।
MGUG की खास उपलब्धियों में राष्ट्रपति स्तर के दो दौरे भी शामिल हैं। विश्वविद्यालय का उद्घाटन 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने किया था। इसके बाद 1 जुलाई 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विश्वविद्यालय में अकादमिक भवन, ऑडिटोरियम और पंचकर्म मेडिकल सेंटर का उद्घाटन किया।
शिक्षा के साथ शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग भी किया है। इससे छात्रों और शोधार्थियों को अलग-अलग क्षेत्रों में अनुसंधान और व्यावहारिक अनुभव के अवसर मिलने की संभावना बढ़ती है।
पांच साल में 12 से 53 पाठ्यक्रमों तक का सफर बताता है कि MGUG ने कम समय में अपने शैक्षणिक दायरे का तेजी से विस्तार किया है। शिक्षा, चिकित्सा, शोध और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के इस संयोजन से गोरखपुर के पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभरने की उम्मीद और मजबूत होती है।



