UP News: 71 विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे पंचायत उत्सव भवन, तीन महीने में निर्माण पूरा करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में शादी-विवाह और दूसरे मांगलिक कार्यक्रमों के लिए अब लोगों को दूर-दराज के निजी मैरिज हॉल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पंचायती राज विभाग ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाले 71 विधानसभा क्षेत्रों में पंचायत उत्सव भवन बनाने की योजना पर काम तेज कर दिया है। इन भवनों का इस्तेमाल विवाह, मुंडन और अन्य सामाजिक एवं मांगलिक कार्यक्रमों के लिए किया जा सकेगा।
तीन महीने में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
सरकार ने संबंधित अधिकारियों को पंचायत उत्सव भवनों के निर्माण में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा निर्देशों के अनुसार निर्माण कार्य को करीब तीन महीने में पूरा करने पर जोर है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में योजना का लाभ जल्द पहुंचाने की कोशिश है।
पहले चरण में 71 विधानसभा क्षेत्रों का चयन
पंचायत उत्सव भवन योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। पहले चरण में ग्रामीण इलाकों में पड़ने वाले 71 विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसके बाद जरूरत और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर अन्य ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में भी ऐसे भवन बनाए जाने की योजना है।
एक भवन पर खर्च होंगे 1.41 करोड़ रुपये
योजना के तहत प्रत्येक पंचायत उत्सव भवन के निर्माण पर करीब 1.41 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। भवनों का निर्माण ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया और संचालित किया जाएगा।
ग्रामीणों को सस्ती दर पर मिलेगा आयोजन स्थल
ग्रामीण क्षेत्रों में शादी और दूसरे मांगलिक कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त सार्वजनिक स्थल उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को निजी स्थानों पर अधिक खर्च करना पड़ता है। पंचायत उत्सव भवन बनने के बाद ग्रामीण परिवारों को सुलभ और अपेक्षाकृत कम लागत पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए जगह उपलब्ध कराने का उद्देश्य है।
भवन में होंगे हॉल और स्टेज
प्रस्तावित पंचायत उत्सव भवन में करीब 522 वर्गमीटर में मुख्य भवन तैयार किया जाएगा। इसमें एक हॉल और स्टेज होगी। हॉल में लगभग 100 लोगों के बैठने की क्षमता रखने का प्रावधान है। इसके अलावा तीन कमरों का निर्माण भी प्रस्तावित है।
दिव्यांगों के लिए भी विशेष व्यवस्था
भवन की डिजाइन में दिव्यांगजनों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। तीन कमरों में से एक को दिव्यांग हितैषी बनाया जाएगा। इसके अलावा महिला, पुरुष और दिव्यांगों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था रहेगी। भवन में रसोईघर भी बनाया जाएगा।
जमीन के लिए भी तय किए गए मानक
एक पंचायत उत्सव भवन के निर्माण के लिए करीब 3,000 वर्गमीटर भूमि की आवश्यकता होगी। स्थान का चयन संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की समिति द्वारा किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर भूमि चिह्नित करने और उपयुक्त स्थान तय करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
गांवों में लंबे समय से थी ऐसी सुविधा की मांग
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में विवाह, मुंडन और अन्य पारिवारिक आयोजनों के लिए कई जगहों पर उपयुक्त सार्वजनिक स्थल उपलब्ध नहीं हैं। इसी समस्या को देखते हुए पंचायत उत्सव भवन की योजना तैयार की गई है। सरकार का उद्देश्य ऐसे भवनों को ग्रामीण समुदाय के लिए उपयोगी सामुदायिक सुविधा के रूप में विकसित करना है।
ग्राम पंचायतें करेंगी संचालन
योजना के तहत इन भवनों का निर्माण और संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाना है। इससे स्थानीय स्तर पर भवन के रखरखाव और उपयोग की व्यवस्था की जा सकेगी। ग्रामीणों को मांगलिक कार्यक्रमों के लिए स्थानीय स्तर पर ही सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पंचायत उत्सव भवनों की योजना से शादी-विवाह और दूसरे मांगलिक कार्यक्रमों के लिए सार्वजनिक सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। पहले चरण में 71 विधानसभा क्षेत्रों में भवन बनाए जा रहे हैं। करीब 1.41 करोड़ रुपये की लागत वाले इन भवनों में हॉल, स्टेज, कमरे, रसोई और अलग-अलग शौचालय जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। अब सरकार का फोकस निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कर ग्रामीणों को इनका लाभ उपलब्ध कराने पर है।



