जलवायु परिवर्तन आज केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह सीधे-सीधे इंसानी जीवन, अस्तित्व और राष्ट्रीय पहचान पर खतरा बन चुका है। इसका एक ताज़ा और चिंताजनक उदाहरण है…