नॉर्वे के नए राजा बने हेकॉन, कभी शाही जीवन से दूर जाना चाहते थे

नॉर्वे में राजगद्दी का परिवर्तन हो गया है। किंग हाराल्ड V के निधन के बाद उनके बेटे क्राउन प्रिंस हेकॉन देश के नए राजा बन गए हैं। संवैधानिक व्यवस्था के तहत पिता के निधन के साथ ही हेकॉन ने स्वतः राजगद्दी संभाल ली।
दिलचस्प बात यह है कि हेकॉन हमेशा से शाही जीवन को लेकर उत्साहित नहीं थे। उन्होंने एक किताब में बताया था कि बचपन में उनका सपना खिलौनों की दुकान चलाने का था। हालांकि समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि उनका जीवन राजपरिवार की जिम्मेदारियों से जुड़ा है और एक दिन उन्हें राजा बनना होगा।
हेकॉन मैग्नस का जन्म 1973 में हुआ था। वह किंग हाराल्ड V और क्वीन सोन्या के इकलौते बेटे हैं। अपने पिता के राजा बनने के बाद वह उत्तराधिकारी बने और तीन दशक से अधिक समय तक नॉर्वे की राजशाही की अगली पीढ़ी के प्रतिनिधि के तौर पर सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे।
पिछले कुछ वर्षों में हेकॉन ने अपने पिता की जिम्मेदारियों में लगातार हाथ बंटाया। किंग हाराल्ड की उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ने के साथ हेकॉन ने कई मौकों पर रीजेंट के तौर पर राजकीय दायित्व संभाले। इससे उन्हें राजा की भूमिका के लिए व्यावहारिक अनुभव भी मिला।
हेकॉन की पहचान केवल राजपरिवार के सदस्य के तौर पर नहीं रही है। उन्होंने राजनीति और विकास अध्ययन की शिक्षा हासिल की और सैन्य प्रशिक्षण भी लिया। खेल और संगीत में उनकी रुचि के कारण उनकी छवि अपेक्षाकृत सहज और आम लोगों के करीब रहने वाले राजकुमार की रही है।
हेकॉन ने 2001 में मेटे-मैरिट त्जेसेम होइबी से शादी की थी। दोनों के दो बच्चे हैं। उनकी बेटी प्रिंसेस इंग्रिड एलेक्जेंड्रा अब नॉर्वे की उत्तराधिकारी बन गई हैं।
नए राजा के सामने नॉर्वे के राजपरिवार की प्रतिष्ठा और जनता के भरोसे को बनाए रखने की चुनौती भी होगी। हाल के वर्षों में परिवार से जुड़े विवादों के कारण राजशाही को सार्वजनिक जांच और आलोचना का सामना करना पड़ा है। ऐसे माहौल में हेकॉन की नेतृत्व क्षमता पर सबकी नजर रहेगी।
नॉर्वे में नए राजा के लिए ब्रिटेन जैसी भव्य औपचारिक ताजपोशी नहीं होती। हेकॉन को संसद के समक्ष संविधान और कानूनों के प्रति निष्ठा की शपथ लेनी होगी। उनके शासन की शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब पूरा देश उनके पिता किंग हाराल्ड के निधन पर शोक मना रहा है।



