
China, Pakistan और Iran के इर्द-गिर्द मिडिल ईस्ट की भू-राजनीति तेजी से बदल रही है। एक तरफ चीन ‘पीस प्लान’ के जरिए खुद को वैश्विक मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी ओर पाकिस्तान अमेरिका जैसी रणनीति अपनाते हुए क्षेत्रीय संतुलन साधने में जुटा है।
चीन का फोकस कूटनीतिक समाधान और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर है, जिससे वह मिडिल ईस्ट में अपनी पकड़ और प्रभाव बढ़ा सके। वहीं पाकिस्तान सुरक्षा और सामरिक सहयोग के जरिए अपनी भूमिका को अहम बनाना चाहता है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच United States की भूमिका भी महत्वपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि उसकी नीतियां लंबे समय से मिडिल ईस्ट की राजनीति को प्रभावित करती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह ‘नया खेल’ वैश्विक शक्ति संतुलन को नई दिशा दे सकता है, जहां कूटनीति, सैन्य रणनीति और आर्थिक हित एक साथ काम करते नजर आएंगे।



