
रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक होता है, जिसमें बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं। हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षाबंधन को बेहद सादगी और अपनत्व के साथ मनाया। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे उनकी कलाई पर कई राखियाँ सजी हुई हैं और वह बच्चों के साथ घुल-मिलकर त्योहार का आनंद ले रहे हैं।
इस साल रक्षाबंधन 9 अगस्त 2025 को पूरे देश में बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री मोदी से मिलने और उन्हें राखी बांधने के लिए विभिन्न राज्यों से छोटे-छोटे बच्चों, छात्राओं और महिलाओं का एक समूह उनके निवास स्थान 7, लोक कल्याण मार्ग पर पहुँचा। बच्चों ने मोदी जी को अपने हाथों से राखियाँ बांधी और मिठाइयाँ खिलाईं। बदले में प्रधानमंत्री ने भी उन्हें प्यार, आशीर्वाद और मिठाइयाँ दीं।
इन तस्वीरों में पीएम मोदी बच्चों के साथ बातचीत करते, मुस्कराते और उन्हें स्नेहपूर्वक गले लगाते हुए नजर आए। बच्चों ने मोदी जी के साथ सेल्फी ली और कुछ ने अपने हाथ से बनाए गए कार्ड्स भी उन्हें भेंट किए। यह दृश्य भावनाओं से भरपूर था और देशवासियों के लिए एक प्रेरणास्रोत भी।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “रक्षाबंधन पर इन नन्हे-मुन्ने बच्चों का स्नेह पाकर अभिभूत हूं। उनका स्नेह ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। सभी देशवासियों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं।”
यह पहला मौका नहीं है जब मोदी जी ने रक्षाबंधन पर बच्चों या आम जनता के साथ समय बिताया हो। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी उन्होंने पारंपरिक मूल्यों को महत्व देते हुए त्योहार को जनसंवाद और आत्मीयता का जरिया बनाया।
रक्षाबंधन जैसे त्योहार भारत की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक ताने-बाने को और भी मजबूत बनाते हैं। जब देश का प्रधानमंत्री स्वयं इन परंपराओं में भाग लेता है, तो यह पूरे देशवासियों के लिए एक मजबूत संदेश होता है—कि भारत की संस्कृति सिर्फ किताबों या भाषणों में नहीं, बल्कि आचरण में भी जीवित रहती है।
इस तरह रक्षाबंधन 2025 का यह आयोजन केवल एक त्योहार नहीं रहा, बल्कि बच्चों के चेहरों की मुस्कान और राखियों से भरी पीएम मोदी की कलाई ने इस दिन को यादगार बना दिया।



