
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देशभर में भाई-बहन के रिश्ते का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लेकिन इस बार रक्षाबंधन केवल घरों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत के वीर सपूतों के सम्मान में इसे एक नए आयाम तक पहुंचाया गया। “भारत रक्षा पर्व 2025” के तहत बच्चों ने भारतीय थल सेना प्रमुख और फ्रंटलाइन पर तैनात वीर जवानों को राखी बांधकर न सिर्फ प्रेम और कृतज्ञता प्रकट की, बल्कि यह संदेश भी दिया कि देश की रक्षा करने वाले सैनिक हर नागरिक के भाई जैसे हैं।
दिल्ली स्थित थल सेना मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में स्कूली बच्चों और युवतियों ने थल सेना प्रमुख जनरल [नाम] को राखी बांधी। इस भावुक पल के दौरान सेना प्रमुख ने बच्चों को स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया और कहा, “यह सिर्फ एक धागा नहीं है, बल्कि देश के प्रति विश्वास और प्रेम का प्रतीक है।” उन्होंने सभी सैनिकों की ओर से देशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर को और विशेष बनाने के लिए एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन ने “वीर जवानों के लिए जागरण” नाम की पहल की शुरुआत की। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों में भक्ति गीत, देशभक्ति संगीत, कविताएं और नृत्य प्रस्तुत किए गए। जागरण का उद्देश्य था—देश के जवानों के बलिदान को सम्मान देना और देशवासियों को उनकी सेवा के प्रति जागरूक करना।
कई जगहों पर बच्चों ने सैनिकों के लिए अपने हाथों से कार्ड, राखियाँ और पत्र बनाए, जिन्हें सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों तक विशेष डाक सेवा के माध्यम से भेजा गया। राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे राज्यों में स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों ने भी इस मुहिम में भाग लिया।



