धर्म-आस्था

Bhadrapada Amavasya 2025: भाद्रपद अमावस्या पर करें चालीसा का पाठ, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

हिंदू पंचांग में हर माह पड़ने वाली अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। भाद्रपद मास की अमावस्या धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन मानी जाती है। वर्ष 2025 में भाद्रपद अमावस्या का व्रत और पूजा 27 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान, तर्पण और दान-पुण्य करने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन श्राद्धकर्म और पितृ पूजन करने से पितृ दोष दूर होता है तथा परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।

भाद्रपद अमावस्या पर विशेष रूप से चालीसा पाठ का महत्व बताया गया है। धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि अमावस्या पर भगवान विष्णु, शिव, पितरों और देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है। खासकर पितृ दोष से पीड़ित लोगों को इस दिन श्रद्धा भाव से चालीसा और मंत्रों का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है।

इस दिन प्रातःकाल स्नान के बाद पवित्र नदी में अर्घ्य अर्पित करना शुभ माना जाता है। घर में गंगाजल का छिड़काव करके पितरों के लिए भोजन बनाना और उसे अर्पित करना अत्यंत फलदायी होता है। साथ ही, गरीब और ब्राह्मणों को भोजन कराना, तिल, कपड़ा, अन्न और दक्षिणा का दान करना भी विशेष पुण्यदायी होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों की प्रसन्नता से घर में लक्ष्मी का आगमन होता है और पारिवारिक जीवन में उन्नति होती है।

भाद्रपद अमावस्या पर यदि श्रद्धापूर्वक विशेष चालीसा का पाठ किया जाए, तो पितृ दोष का निवारण होता है। कई परिवारों में लंबे समय से बनी समस्याएं, आर्थिक तंगी और मानसिक कष्ट पितृ दोष के कारण होते हैं। इस दिन श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव से किया गया चालीसा पाठ मन को शांति और आत्मा को संतोष प्रदान करता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भाद्रपद अमावस्या का दिन कालसर्प दोष, पितृ दोष और ग्रहण दोष जैसे नकारात्मक प्रभावों को दूर करने में अत्यंत प्रभावी माना गया है। यदि कोई व्यक्ति इस दिन विधिपूर्वक पूजा, तर्पण और चालीसा पाठ करता है तो उसके जीवन से संकट टलते हैं और सौभाग्य बढ़ता है।

अंततः, भाद्रपद अमावस्या केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं बल्कि आत्मिक शुद्धि और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा का दिन है। इस अवसर पर श्रद्धालु यदि उपवास रखते हुए चालीसा का पाठ करें और दान-पुण्य करें, तो निश्चित ही पितृ कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

Zee NewsTimes

Founded in 2018, Zee News Times has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button