
आज के डिजिटल युग में काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। कोरोना महामारी के दौरान वर्क फ्रॉम होम (WFH) का चलन बढ़ा और देखते ही देखते यह कई कंपनियों और कर्मचारियों की पसंद बन गया। वहीं दूसरी ओर, ऑफिस से काम करने का अपना अलग ही महत्व और अनुभव है। हाल ही में हुए एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि आज के युवा किस विकल्प को अपनी पहली पसंद मानते हैं – WFH या ऑफिस से काम।
सर्वे के अनुसार, एक बड़ा हिस्सा युवा पीढ़ी का मानता है कि वर्क फ्रॉम होम से उन्हें समय और पैसे दोनों की बचत होती है। रोज़ाना ट्रैफिक और लंबी यात्रा से मुक्ति मिलने के साथ-साथ परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने का मौका मिलता है। इसके अलावा, कई युवा यह भी मानते हैं कि घर से काम करने पर उनकी प्रोडक्टिविटी और फोकस बेहतर रहता है। डिजिटल टूल्स और हाई-स्पीड इंटरनेट ने इस ट्रेंड को और मजबूत किया है।
हालांकि, दूसरी तरफ ऑफिस से काम करने के भी अपने फायदे हैं। सर्वे में शामिल युवाओं का कहना है कि ऑफिस का वातावरण उन्हें बेहतर नेटवर्किंग, टीमवर्क और करियर ग्रोथ के लिए ज़रूरी अवसर प्रदान करता है। सहकर्मियों के साथ बातचीत और पेशेवर माहौल में काम करने से सीखने का अनुभव भी अलग होता है। वहीं, कई कंपनियां अब भी ऑफिस कल्चर को मजबूत बनाए रखने के पक्ष में हैं।
दिलचस्प बात यह है कि सर्वे ने यह भी दिखाया कि आज का युवा सिर्फ एक ही विकल्प तक सीमित नहीं रहना चाहता। बड़ी संख्या में युवा हाइब्रिड वर्क मॉडल को सबसे अच्छा विकल्प मानते हैं। यानी हफ्ते के कुछ दिन घर से काम और कुछ दिन ऑफिस से काम। इससे न केवल काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बना रहता है बल्कि करियर ग्रोथ और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में WFH और ऑफिस वर्क दोनों का मिश्रित रूप ही भविष्य की कार्यसंस्कृति होगा। कंपनियां भी कर्मचारियों की सुविधा और प्रोडक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए लचीला माहौल देने पर जोर दे रही हैं।
कुल मिलाकर, यह साफ है कि युवाओं की पहली पसंद अब केवल ऑफिस या केवल वर्क फ्रॉम होम तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे ऐसा विकल्प चाहते हैं जिसमें प्रोफेशनल ग्रोथ के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन का भी संतुलन बना रहे।



