यूपी में जीबीसी-5 की तैयारियां शुरू | 2.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव तैयार

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास विभाग ने ग्लोबल बिजनेस कॉन्क्लेव (जीबीसी)-5 की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार विभाग ने 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षित करने के लिए प्रयासरत है। जीबीसी-5 को एक बड़े मंच के रूप में तैयार किया जा रहा है, जहाँ देश-विदेश के निवेशक भाग लेंगे और उत्तर प्रदेश को नए औद्योगिक हब के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
पिछले कुछ वर्षों में यूपी ने औद्योगिक माहौल बनाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों, निवेशकों को दी जाने वाली सुविधाओं और पारदर्शी प्रक्रियाओं ने बड़े कॉरपोरेट समूहों और उद्यमियों को राज्य में निवेश करने के लिए प्रेरित किया है। जीबीसी-5 में 2.5 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव इस बात का प्रमाण हैं कि उत्तर प्रदेश अब निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है।
औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार प्रस्तावित निवेश से न केवल बड़े शहरों में, बल्कि छोटे जिलों और कस्बों में भी उद्योगों की स्थापना होगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भारी वृद्धि होगी और युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर अवसर मिलेंगे।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जीबीसी-5 को ऐतिहासिक बनाने में कोई कमी न छोड़ी जाए। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से प्रदेश में न केवल औद्योगिक ढांचा मजबूत होगा, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
इस आयोजन में प्रमुख उद्योगपतियों, विदेशी प्रतिनिधियों और उद्यमियों को आमंत्रित किया जा रहा है। इसके माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य है कि यूपी को मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, नवीकरणीय ऊर्जा और एग्री-बिजनेस जैसे क्षेत्रों में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतरते हैं तो उत्तर प्रदेश आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था का इंजन बन सकता है। यह न केवल राज्य की छवि को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा, बल्कि ‘एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने के लक्ष्य को भी गति देगा।
इस प्रकार जीबीसी-5 की तैयारियां यूपी के लिए औद्योगिक क्रांति का एक नया अध्याय साबित होने जा रही हैं।



