
कोलकाता में दुर्गा पूजा के भव्य अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक विशाल पंडाल का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने माँ दुर्गा के चरणों में नमन करते हुए पश्चिम बंगाल की समृद्धि और विकास के लिए प्रार्थना की। अमित शाह ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह बंगाल की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने “सोनार बांग्ला” के संकल्प को दोहराते हुए यह विश्वास जताया कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल हर क्षेत्र में प्रगति करेगा और अपनी गौरवशाली पहचान को और मजबूत करेगा।
इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिन्होंने गृह मंत्री का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि दुर्गा पूजा भारत की सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पूरे देश में भाईचारे, सद्भावना और शक्ति की पूजा का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि माँ दुर्गा की आराधना से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और हर वर्ग को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
अमित शाह ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार और भाजपा संगठन बंगाल की जनता के साथ मिलकर “सोनार बांग्ला” के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बंगाल की धरती ने देश को महान कवि, लेखक, विचारक और क्रांतिकारी दिए हैं। इसलिए यहाँ की परंपरा और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाना आवश्यक है।
गृह मंत्री ने दुर्गा पूजा आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि कोलकाता के पंडाल अपनी भव्यता और कलात्मकता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। यह महोत्सव बंगाल की कला, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे दुर्गा पूजा को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएँ।
अमित शाह के इस कार्यक्रम को न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से, बल्कि राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुर्गा पूजा के माध्यम से भाजपा ने एक बार फिर बंगाल की जनता से गहरा जुड़ाव दिखाने का प्रयास किया है।
इस प्रकार, अमित शाह का दुर्गा पूजा पंडाल उद्घाटन और “सोनार बांग्ला” के लिए की गई प्रार्थना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि पश्चिम बंगाल के उज्ज्वल भविष्य और विकास की दिशा में एक सकारात्मक संदेश भी है।

