उत्तर प्रदेश में राजस्व मामलों के निपटारे में लखनऊ पहले नंबर पर | टॉप 5 जिलों की सूची

उत्तर प्रदेश में राजस्व मामलों के निपटारे को लेकर हाल ही में जारी रिपोर्ट में राजधानी लखनऊ ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में चल रहे “राजस्व समाधान अभियान” के तहत लखनऊ जिले ने सबसे अधिक मामलों का समयबद्ध निपटारा कर प्रशासनिक दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम है, बल्कि नागरिकों को न्याय दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ में दर्ज अधिकांश राजस्व विवादों — जैसे भूमि विवाद, खतौनी सुधार, नामांतरण और सीमांकन से जुड़े मामलों — का त्वरित समाधान किया गया। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में नागरिकों को राहत मिली है। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी साधनों और डिजिटल पोर्टल्स के माध्यम से शिकायतों की निगरानी लगातार की जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है।
राज्य में लखनऊ के बाद दूसरे स्थान पर वाराणसी, तीसरे पर गोरखपुर, चौथे पर कानपुर नगर और पांचवें स्थान पर प्रयागराज को स्थान मिला है। इन सभी जिलों ने राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे में बेहतर प्रदर्शन करते हुए शासन की नीतियों को प्रभावी रूप से लागू किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सफलता पर कहा कि राजस्व विवादों का शीघ्र समाधान न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाता है, बल्कि नागरिकों का सरकार पर विश्वास भी मजबूत करता है। सरकार अब हर तहसील और ब्लॉक स्तर पर डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू कर रही है, जिससे लंबित मामलों का त्वरित निपटारा संभव हो सके।
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले महीनों में “समाधान दिवस” और “जनसुनवाई पोर्टल” को और सशक्त बनाया जाएगा, ताकि लोगों को न्याय के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
लखनऊ की यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक कार्यशैली में सुधार और सुशासन की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है, जो आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बनेगी।



