MSME निर्यातकों के लिए राहत: विदेशी प्रदर्शनियों में भाग लेने पर योगी सरकार देगी आर्थिक मदद

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को वैश्विक बाजार तक पहुँचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब ऐसे उद्यमियों को वित्तीय सहायता देगी जो विदेशी मेलों और प्रदर्शनियों में अपने उत्पादों को प्रदर्शित और बेचने के लिए भाग लेना चाहते हैं। यह पहल न केवल राज्य के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाएगी बल्कि निर्यात के नए अवसर भी खोलेगी।
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी भी MSME इकाई को विदेशी मेले में भाग लेने के लिए कम से कम एक माह पहले आवेदन करना होगा। आवेदन MSME निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट या निर्धारित पोर्टल के माध्यम से किया जा सकेगा। पात्र इकाइयों को सरकार द्वारा हवाई यात्रा, उत्पाद परिवहन, स्टॉल किराए और प्रचार सामग्री जैसी लागतों पर अनुदान (subsidy) प्रदान की जाएगी।
योगी सरकार का यह निर्णय “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)” योजना को भी और सशक्त बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के हर जिले के विशेष उत्पादों—जैसे भदोही की कालीन, मुरादाबाद का पीतल कार्य, बनारस का सिल्क और लखनऊ की चिकनकारी—को विश्व बाजार में पहचान दिलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी का MSME सेक्टर राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। “हमारा लक्ष्य है कि छोटे उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लायक बनाया जाए और उनके उत्पादों को विदेशों में उचित मंच मिले,” उन्होंने कहा।
वित्तीय सहायता योजना से न केवल उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि प्रदेश में रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की गति भी तेज होगी। राज्य सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर भारत और “मेक इन इंडिया” अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगा।



