
बांग्लादेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ चल रहे मामले में 17 नवंबर को अदालत अपना फैसला सुनाने वाली है। यह फैसला देश की सियासत को नया मोड़ दे सकता है। सूत्रों के मुताबिक, ढाका की विशेष अदालत में चल रहे भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग से जुड़े इस केस पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं।
जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश सेना ने राजधानी ढाका सहित कई प्रमुख इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली है। सेना की तैनाती का उद्देश्य किसी भी प्रकार की हिंसा या विरोध प्रदर्शन को रोकना है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि अदालत के फैसले से पहले ही माहौल काफी तनावपूर्ण हो चुका है।
विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि शेख हसीना की सरकार ने सत्ता का दुरुपयोग किया है और विरोधी नेताओं को निशाना बनाया गया। वहीं, हसीना समर्थक इसे विपक्ष की साजिश बताते हुए कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने हमेशा लोकतंत्र की रक्षा की है।
ढाका यूनिवर्सिटी के राजनीति विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अदालत का फैसला शेख हसीना के खिलाफ जाता है तो बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ सकती है। दूसरी ओर, सेना की सक्रिय भूमिका से यह भी संकेत मिल रहा है कि हालात किसी भी समय नियंत्रण से बाहर जा सकते हैं।
फिलहाल देशभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है, जबकि जनता और राजनीतिक दलों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। 17 नवंबर का दिन बांग्लादेश की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकता है, क्योंकि इस दिन का फैसला आने वाले महीनों की सत्ता की दिशा तय करेगा।



