नवाचार प्रयोगशालाओं से प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था तक पहुंचे: ब्रजेश पाठक

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि नवाचार प्रयोगशालाओं में विकसित आधुनिक तकनीक, शोध और नए विचार केवल सीमित संस्थानों तक न रहें, बल्कि उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब तक इन नवाचारों का लाभ गांवों और कस्बों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक नहीं पहुंचेगा, तब तक स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक सुधार संभव नहीं है।
ब्रजेश पाठक ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सा विज्ञान तेजी से आगे बढ़ रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, टेलीमेडिसिन और आधुनिक जांच तकनीकों ने इलाज को अधिक सुलभ और सटीक बनाया है। अब आवश्यकता इस बात की है कि इन तकनीकों को प्रयोगशालाओं और बड़े अस्पतालों से निकालकर आम जनता तक पहुंचाया जाए, ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। डॉक्टरों की उपलब्धता, आधुनिक उपकरणों की स्थापना और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, नवाचार प्रयोगशालाओं में विकसित समाधान यदि प्राथमिक स्तर पर लागू किए जाएं, तो रोगों की समय पर पहचान और उपचार संभव हो सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि रोकथाम, जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना भी प्राथमिकता है। डिजिटल तकनीक और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी आसान होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
ब्रजेश पाठक ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था एक नए युग में प्रवेश कर रही है। नवाचार प्रयोगशालाओं से निकलकर जब नई तकनीकें प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था तक पहुंचेंगी, तब प्रदेश की जनता को सशक्त, सुलभ और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।



