हर 100 किलोमीटर पर ट्रॉमा सेंटर अनिवार्य, सड़क हादसों में घटेगी मौतें: परिवहन मंत्री

देश में बढ़ते सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों को लेकर परिवहन मंत्री ने एक अहम और दूरदर्शी प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर हर 100 किलोमीटर की दूरी पर ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर इलाज मिल सके और अधिक से अधिक जानें बचाई जा सकें। मंत्री के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण समय पर चिकित्सा सुविधा न मिल पाना है, जिसे “गोल्डन ऑवर” कहा जाता है। यदि इस महत्वपूर्ण समय के भीतर घायल को उचित इलाज मिल जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि देश में हर साल लाखों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवाते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि दुर्घटना स्थल से नजदीकी अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर की दूरी अधिक होने के कारण घायलों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार हर 100 किलोमीटर पर आधुनिक ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इन केंद्रों में प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, एम्बुलेंस सेवा और आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल केवल केंद्र सरकार की नहीं होगी, बल्कि राज्य सरकारों के सहयोग से इसे लागू किया जाएगा। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP मॉडल) के जरिए भी ट्रॉमा सेंटर विकसित किए जा सकते हैं, ताकि संसाधनों की कमी आड़े न आए। इसके साथ ही एम्बुलेंस नेटवर्क को मजबूत करने, हेल्पलाइन नंबर को प्रभावी बनाने और सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया जाएगा।
परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों से नहीं, बल्कि बेहतर बुनियादी ढांचे और त्वरित चिकित्सा व्यवस्था से सुनिश्चित होती है। ट्रॉमा सेंटरों के साथ-साथ सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, ब्लैक स्पॉट की पहचान और उनके समाधान, तथा ड्राइवरों को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति प्रशिक्षित करना भी सरकार की प्राथमिकता है।
अंत में उन्होंने कहा कि हर जान की कीमत अनमोल है और सरकार का उद्देश्य है कि सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे। हर 100 किलोमीटर पर ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था इस दिशा में एक बड़ा और जीवनरक्षक कदम साबित होगी।



