UP Budget 2026: ‘बीमारू’ से ‘ग्रोथ इंजन’ बना उत्तर प्रदेश, सीएम योगी ने रखा विकास का नया खाका

उत्तर प्रदेश को कभी ‘बीमारू’ राज्य कहकर विकास की दौड़ से बाहर मान लिया जाता था, लेकिन यूपी बजट 2026 के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक नया नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की है। सरकार का कहना है कि बीते वर्षों में कानून-व्यवस्था, आधारभूत संरचना, निवेश और रोजगार के मोर्चे पर जो बदलाव हुए हैं, उन्होंने राज्य को देश की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ बना दिया है। बजट में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर, औद्योगिक गलियारों और शहरों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिखाई देता है।
सरकार का दावा है कि बेहतर कनेक्टिविटी ने उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड तक सड़कों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विस्तार निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। साथ ही, एमएसएमई, स्टार्टअप और कृषि आधारित उद्योगों के लिए वित्तीय सहायता और नीतिगत समर्थन बढ़ाया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की संभावनाएं मजबूत होने की बात कही जा रही है।
बजट में युवाओं, महिलाओं और किसानों को केंद्र में रखने का प्रयास भी साफ दिखता है। कौशल विकास कार्यक्रमों, स्वरोजगार योजनाओं और तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रावधान किए गए हैं। सरकार का मानना है कि जब गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तभी राज्य की समग्र प्रगति संभव है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार, शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे में निवेश को भी प्राथमिकता दी गई है।
राजनीतिक रूप से भी यह बजट अहम माना जा रहा है क्योंकि यह सिर्फ आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकास के विजन का संदेश है। योगी आदित्यनाथ लगातार यह स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश अब पिछड़ेपन की छवि से बाहर निकल चुका है और राष्ट्रीय विकास में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। आने वाले समय में इन घोषणाओं का जमीन पर कितना असर दिखता है, यह जरूर देखने वाली बात होगी, लेकिन फिलहाल बजट 2026 ने ‘बीमारू’ से ‘ग्रोथ इंजन’ तक की यात्रा को सरकार की प्राथमिक पहचान के रूप में सामने रख दिया है।



