राजपाल यादव के बदले सुर: तिहाड़ से बाहर आते ही कानून और जेल सुधार पर दिया बड़ा बयान

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव के सुर तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद बदले हुए नजर आए। रिहाई के तुरंत बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि “कानून की नजर में सब बराबर हैं” और देश की जेल व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत है। उन्होंने स्वीकार किया कि जेल का अनुभव उनके लिए जीवन बदलने वाला रहा। उन्होंने कहा कि जेल में रहने के दौरान उन्हें यह समझ आया कि गलती चाहे किसी से भी हो, कानून अपना काम करता है और हर व्यक्ति को उसके अनुसार जवाब देना पड़ता है। राजपाल यादव ने कहा कि जेल में कई ऐसे लोग भी हैं जिन्हें कानूनी मदद और सही मार्गदर्शन की जरूरत है। उन्होंने जेलों में भीड़भाड़, मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और कौशल विकास कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार यदि कैदियों को सही दिशा और प्रशिक्षण मिले तो वे सजा पूरी करने के बाद समाज की मुख्यधारा में बेहतर तरीके से लौट सकते हैं। अभिनेता ने यह भी कहा कि जेल में बिताया समय आत्ममंथन का अवसर था, जिसने उन्हें विनम्र और जिम्मेदार बनाया। उन्होंने न्याय व्यवस्था पर विश्वास जताते हुए कहा कि अदालतों के फैसलों का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि जेल सुधार को प्राथमिकता दी जाए ताकि सुधारगृह वास्तव में सुधार के केंद्र बन सकें। राजपाल यादव के इस बदले हुए रवैये को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज है, जहां कई लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ इसे परिस्थितियों का प्रभाव बता रहे हैं। कुल मिलाकर, तिहाड़ से बाहर आने के बाद उनका यह संदेश साफ है कि कानून से ऊपर कोई नहीं और सुधार की राह हमेशा खुली रहती है।



