
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अस्थिर हालात के कारण वहां फंसे हजारों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई देशों के एयरस्पेस बंद होने और फ्लाइट सेवाएं बाधित होने की वजह से यात्रियों के पास सीमित विकल्प रह गए हैं। ऐसे में लोग लंबी दूरी तय करने के लिए कैब और निजी वाहनों का सहारा ले रहे हैं, जिसके लिए उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। जानकारी के अनुसार, कई यात्रियों को पड़ोसी देशों की सीमाओं तक पहुंचने के लिए सैकड़ों किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा है। सामान्य दिनों में जहां कुछ सौ डॉलर में होने वाला सफर अब हजारों डॉलर तक पहुंच गया है। मजबूरी में लोग यह खर्च उठा रहे हैं ताकि किसी तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंच सकें और वहां से अपने देश लौटने की व्यवस्था कर सकें। कई यात्रियों ने बताया कि होटल, खाने और परिवहन का खर्च अचानक कई गुना बढ़ गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी दबाव पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर भी ऐसे कई वीडियो और पोस्ट सामने आए हैं, जिनमें लोग लंबी-लंबी कतारों में सीमा पार करने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। वहीं कई यात्रियों को रातभर सड़क पर ही सफर करना पड़ रहा है। कुछ भारतीय नागरिकों ने भी अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि फ्लाइट रद्द होने के बाद उन्हें सैकड़ों किलोमीटर दूर दूसरे देश की सीमा तक कैब बुक करनी पड़ी, जिसके लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़े। इस बीच विभिन्न देशों की सरकारें अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। दूतावासों की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। हालांकि हालात सामान्य होने तक यात्रियों की परेशानियां कम होती नहीं दिख रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक क्षेत्र में तनाव कम नहीं होता और उड़ान सेवाएं पूरी तरह बहाल नहीं होतीं, तब तक वहां फंसे लोगों को इसी तरह कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि हालात कब सामान्य होंगे और लोग सुरक्षित अपने घर लौट पाएंगे।



