
West Asia में हाल के संकट को लेकर भारत ने कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। भारत रूस और अन्य महत्वपूर्ण देशों के संपर्क में है ताकि स्थिति का आकलन किया जा सके और किसी भी अप्रत्याशित परिस्थितियों के लिए रणनीति बनाई जा सके।
विशेष रूप से BRICS देशों के बीच भी पश्चिम एशिया संकट को लेकर बातचीत चल रही है। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर स्थिरता बनाए रखना और संकट प्रभावित देशों में शांति और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की इस तरह की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि और रणनीतिक संबंधों को भी मजबूत करती है। साथ ही इससे देश के नागरिकों और निवेशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।



