
मध्य पूर्व संघर्ष के बीच यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के लगभग 1,000 पाउंड (करीब 450 किलो) समृद्ध युरेनियम को हासिल करने के लिए एक विशेष सैन्य ऑपरेशन पर विचार कर रहे हैं, जिसे कभी ‘White Gold’ जैसा नाम भी मीडिया में मिला है। इसका मुख्य लक्ष्य यह रोकना है कि यह परमाणु सामग्री ईरान के हाथों में रहकर न्यूक्लियर हथियारों के विकास को बढ़ावा दे।
यह योजना बेहद जोखिम भरी है, क्योंकि इस तरह के ऑपरेशन में यूएस सेना को ईरान के अंदर जाकर युरेनियम को सुरक्षित रूप से निकालना होगा, जो जटिल सुरक्षा परिस्थितियों और प्रतिबद्ध रक्षा के कारण आसान नहीं माना जाता। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम न केवल रणनीतिक महत्व रखता है बल्कि सैन्य और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ा असर डाल सकता है।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अगर ईरान डिप्लोमेसी के जरिए इस सामग्री को नहीं सौंपता तो फोर्स का इस्तेमाल करना पड़ेगा, ताकि परमाणु खतरे को रोका जा सके और युद्ध को कुछ सीमा तक नियंत्रित किया जा सके।



