
इजरायल ने हाल ही में भारत से कहा है कि वह ईरान युद्ध को समाप्त कराने में भूमिका निभा सकता है। इजरायल का तर्क है कि पाकिस्तान की आंतरिक राजनीतिक और सैन्य स्थितियों के कारण वह इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकता, इसलिए भारत को मध्यस्थ की भूमिका निभानी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल की यह मांग क्षेत्रीय रणनीति और वैश्विक शांति को ध्यान में रखते हुए की गई है। भारत की भूमिका शांति प्रक्रिया में अहम मानी जा रही है क्योंकि उसका मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया दोनों क्षेत्रों में कूटनीतिक और आर्थिक प्रभाव है।
इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और भारत की जिम्मेदारी तथा संभावित कूटनीतिक कदमों पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। मध्य पूर्व में तनाव को कम करने के लिए भारत के कदम अब वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।



