एल नीनो का बढ़ता असर, यूरोप में लू और ऑस्ट्रेलिया में सूखे का खतरा

दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने एल नीनो के बढ़ते प्रभाव को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसमीय घटना की वजह से यूरोप के कई हिस्सों में भीषण लू चल सकती है, जबकि ऑस्ट्रेलिया को गंभीर सूखे का सामना करना पड़ सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर के तापमान में बढ़ोतरी वैश्विक मौसम प्रणाली को प्रभावित कर रही है, जिसका असर अलग-अलग महाद्वीपों में चरम मौसम के रूप में दिखाई दे सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, एल नीनो के दौरान सामान्य से अधिक तापमान और कम बारिश की स्थिति बनने लगती है। यूरोप में इससे रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, जंगलों में आग और स्वास्थ्य संबंधी संकट बढ़ सकते हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया में जल संकट, कृषि उत्पादन में गिरावट और जंगलों में आग लगने की घटनाओं में इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन और एल नीनो का संयुक्त असर दुनिया के कई देशों के लिए चुनौती बन सकता है। वैज्ञानिक सरकारों से समय रहते तैयारी करने, जल संरक्षण बढ़ाने और आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने की अपील कर रहे हैं ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।



