धर्म-आस्था
शनि जयंती व वट सावित्री 2026: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मंत्र

शनि जयंती और वट सावित्री व्रत का महासंयोग इस बार विशेष धार्मिक महत्व लेकर आ रहा है। इस दिन श्रद्धालु भगवान शनि देव की पूजा के साथ-साथ वट वृक्ष की आराधना भी करते हैं, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना की जाती है।
Shani Jayanti और Vat Savitri Vrat के इस संयोग में सुबह के समय पूजा करना अधिक शुभ माना जाता है। भक्त तेल, काले तिल और नीले फूलों से शनि देव की आराधना करते हैं, जबकि वट वृक्ष की परिक्रमा कर अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए मंत्र जाप और आरती से विशेष फल प्राप्त होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संयोग आध्यात्मिक रूप से अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है और श्रद्धा के साथ की गई पूजा जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।



