ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि 2026: तिथि, पूजा विधि और शिव-पार्वती कृपा के उपाय

ज्येष्ठ माह की मासिक शिवरात्रि हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है और इसे भगवान शिव व माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त करने का शुभ अवसर माना जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और रात्रि के समय शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करके विधिवत पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा से करने पर जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
ज्येष्ठ माह की मासिक शिवरात्रि की तिथि पंचांग के अनुसार निर्धारित होती है और यह प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है। इस दिन रात्रि जागरण और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त इस दिन संयम और श्रद्धा के साथ शिव-पार्वती की आराधना करता है, उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद प्राप्त होता है।



