धर्म-आस्था
आरती में ‘ॐ’ की आकृति क्यों बनती है? 14 बार दीपक घुमाने का महत्व

हिंदू पूजा पद्धति में आरती (Hindu Aarti) का विशेष महत्व माना गया है। आरती के दौरान दीपक को गोलाकार रूप में घुमाते हुए ‘ॐ’ की आकृति बनाने की परंपरा को अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है।
मान्यता है कि ‘ॐ’ ब्रह्मांड की मूल ध्वनि और सर्वोच्च ऊर्जा का प्रतीक है। आरती के समय इस आकृति को बनाना ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को दर्शाता है। वहीं 14 बार दीपक घुमाने को लेकर मान्यता है कि यह विभिन्न लोकों, तत्वों और ऊर्जा चक्रों का प्रतीक होता है, जो पूजा को पूर्णता प्रदान करता है।
धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, आरती केवल एक अनुष्ठान नहीं बल्कि ध्यान और भक्ति का संगम है, जिसमें दीपक की ज्योति अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का संदेश देती है।



