
India में इस वर्ष गर्मी के मौसम के दौरान घरेलू बिजली खपत में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है। कई राज्यों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंचने के कारण एयर कंडीशनर (AC), कूलर, पंखे और अन्य शीतलन उपकरणों का उपयोग बढ़ गया है, जिससे बिजली की मांग पर सीधा असर पड़ा है।
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एयर कंडीशनिंग की आवश्यकता भी बढ़ जाती है। शहरी क्षेत्रों में AC की बढ़ती पहुंच और आय स्तर में सुधार के कारण पिछले कुछ वर्षों में बिजली की मांग का पैटर्न भी बदल रहा है।
गर्मी के चरम दिनों में शाम और रात के समय बिजली की खपत सबसे अधिक रहती है, जब बड़ी संख्या में घरों में एक साथ शीतलन उपकरण चलाए जाते हैं। इससे पावर ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और बिजली वितरण कंपनियों को मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंधन करना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और AC के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली की मांग में और वृद्धि हो सकती है। ऐसे में ऊर्जा दक्ष उपकरणों, स्मार्ट ग्रिड तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी।
ऊर्जा बचाने के लिए उपभोक्ताओं को ऊर्जा-कुशल उपकरणों का उपयोग करने, AC का तापमान संतुलित रखने और अनावश्यक बिजली खपत से बचने की सलाह दी जाती है। इससे न केवल बिजली बिल कम किया जा सकता है, बल्कि ऊर्जा संसाधनों पर पड़ने वाले दबाव को भी कम करने में मदद मिल सकती है।



