
Operation Toofan: The Narco Hunt के तहत केरल में ड्रग्स तस्करी और नशे के बढ़ते नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया गया है। राज्य के गृह मंत्री Ramesh Chennithala ने इस राज्यव्यापी पहल की घोषणा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ड्रग माफिया के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है।
अभियान में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और आबकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। सरकार ने ड्रग्स की सूचना जुटाने के लिए डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप चैटबॉट जैसी व्यवस्थाएं भी विकसित की हैं, ताकि लोग गुमनाम रूप से जानकारी दे सकें।
विशेष ध्यान स्कूलों और कॉलेजों के आसपास ड्रग्स की आपूर्ति रोकने पर दिया जा रहा है। अभियान के तहत शैक्षणिक संस्थानों और उनके आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है तथा आवश्यकता पड़ने पर जांच और छापेमारी की कार्रवाई को भी अनुमति दी गई है। सरकार का कहना है कि युवाओं को नशे के खतरे से बचाना इस अभियान की प्राथमिकता है।
राज्य के विभिन्न जिलों में अभियान के शुरुआती चरण में कई कार्रवाईयां की गई हैं। कोच्चि में पुलिस ने दर्जनों स्थानों पर छापेमारी कर कई लोगों को गिरफ्तार किया और एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए।
सरकार का दावा है कि यह दक्षिण भारत के सबसे बड़े एंटी-नारकोटिक्स अभियानों में से एक है, जिसमें तकनीक, खुफिया जानकारी और जनसहयोग का उपयोग कर ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, अभियान को लेकर विभिन्न वर्गों में बहस भी जारी है। समर्थकों का मानना है कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है, जबकि कुछ लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि नशा मुक्ति और पुनर्वास कार्यक्रमों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।



