पालीबैग मुक्त देहरादून का संदेश, दैनिक जागरण ने बांटे हजारों कपड़े के थैले

Dehradun को पालीबैग मुक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया, जिसके तहत शहरभर में लोगों को कपड़े के थैले वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य एकल उपयोग वाले प्लास्टिक और पालीबैग के इस्तेमाल को कम करना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक बनाना था।
अभियान के दौरान नागरिकों को बताया गया कि प्लास्टिक और पालीबैग न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं, बल्कि जल निकासी व्यवस्था, भूमि और वन्यजीवों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इसके विकल्प के रूप में कपड़े के थैले लंबे समय तक उपयोग किए जा सकते हैं और पर्यावरण के अनुकूल भी होते हैं।
जागरूकता कार्यक्रम में लोगों से खरीदारी के दौरान कपड़े या अन्य पुन: उपयोग योग्य थैलों का इस्तेमाल करने की अपील की गई। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि छोटे-छोटे बदलावों के जरिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा योगदान दिया जा सकता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि प्लास्टिक प्रदूषण आज शहरी क्षेत्रों के सामने बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे अभियानों से लोगों में जागरूकता बढ़ती है और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरणा मिलती है। विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों की भागीदारी से इस तरह की मुहिम को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
देहरादून में चलाया गया यह अभियान स्वच्छ और हरित शहर के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि अधिक से अधिक लोग कपड़े के थैलों का उपयोग अपनाकर पालीबैग मुक्त समाज बनाने में सहयोग देंगे।



