देहरादून में फास्टैग रिचार्ज के बहाने डॉक्टर से ठगी, खाते से उड़ाए 3.72 लाख रुपये

देहरादून में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने फास्टैग रिचार्ज के बहाने एक डॉक्टर को अपना शिकार बना लिया। आरोप है कि साइबर अपराधियों ने डॉक्टर से करीब 50 मिनट तक बातचीत कर उन्हें विश्वास में लिया और फिर बैंक खाते से 3.72 लाख रुपये निकाल लिए। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।
साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। फास्टैग, बैंक अपडेट, केवाईसी, ऑनलाइन भुगतान और तकनीकी सहायता के नाम पर लोगों से निजी जानकारी हासिल कर ठगी की घटनाएं बढ़ रही हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
साइबर अपराध से बचने के लिए संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचना जरूरी है। अधिकारियों के अनुसार, ठगी की सूचना मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन और पुलिस को जानकारी देने से कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है। इस मामले में भी पुलिस लेनदेन की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।



