
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और सांसद Abhishek Banerjee की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। पिछले चार दिनों में विभिन्न जांच एजेंसियों द्वारा उनसे करीब 31 घंटे तक पूछताछ की गई है। इस दौरान उन्हें पश्चिम बंगाल सीआईडी द्वारा कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले में कई दौर की पूछताछ का सामना करना पड़ा, वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी भर्ती घोटाले से जुड़े कथित मनी ट्रेल को लेकर लंबी पूछताछ की।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पूछताछ के बाद उनके खिलाफ दो नए FIR भी दर्ज किए गए हैं। इनमें से एक मामला कथित भड़काऊ भाषण से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच की जा रही है।
सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी से पहले विधायक हस्ताक्षर फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में लगभग 5 घंटे, फिर 8 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। इसके बाद उन्हें एक अन्य मामले में फिर से तलब किया गया। वहीं ED ने कथित शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में उनसे करीब 11 घंटे तक सवाल-जवाब किए।
टीएमसी का आरोप है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, जबकि विपक्ष का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच जरूरी है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
निष्कर्ष:
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चल रही जांच और नए FIR दर्ज होने से पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और बढ़ गई है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी। फिलहाल यह मुद्दा राज्य की सबसे चर्चित राजनीतिक घटनाओं में शामिल हो चुका है।



