
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच अब पार्टी फंड को लेकर नया विवाद सामने आया है। वरिष्ठ नेता Arup Biswas ने HDFC Bank को पत्र लिखकर आशंका जताई है कि पार्टी से जुड़े कुछ बागी नेता चेक का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं।
पत्र में कथित तौर पर बैंक से अनुरोध किया गया है कि पार्टी खातों से जुड़े लेन-देन पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए और किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की जांच की जाए। इस घटनाक्रम ने TMC के भीतर जारी राजनीतिक संघर्ष को नया आयाम दे दिया है।
हाल के दिनों में पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक मुद्दों को लेकर मतभेदों की खबरें सामने आती रही हैं। अब वित्तीय नियंत्रण को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक विवाद को और अधिक गंभीर बना दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी दल के लिए संगठनात्मक नियंत्रण के साथ-साथ वित्तीय संसाधनों पर नियंत्रण भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में बैंक को भेजा गया यह पत्र पार्टी के भीतर बढ़ते अविश्वास की ओर संकेत माना जा रहा है।
हालांकि संबंधित बागी नेताओं की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। अभी तक सार्वजनिक रूप से किसी भी प्रकार के वित्तीय दुरुपयोग की पुष्टि नहीं हुई है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पार्टी के अंदरूनी विवाद अब संगठनात्मक सीमाओं से निकलकर वित्तीय मामलों तक पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल TMC के भीतर फंड और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर जारी यह विवाद राज्य की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।



