
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) देश के हाईवे नेटवर्क की निगरानी को आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित हाई-टेक सर्वे सिस्टम लागू करने जा रहा है। इस तकनीक का उद्देश्य सड़क पर बनने वाले गड्ढों, दरारों और अन्य संरचनात्मक खामियों की समय रहते पहचान कर उनकी मरम्मत सुनिश्चित करना है।
नया सिस्टम विशेष कैमरों, सेंसर और AI एल्गोरिदम की मदद से हाईवे की सतह का लगातार विश्लेषण करेगा। सर्वे के दौरान एकत्र किए गए डेटा को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रोसेस किया जाएगा, जहां AI सड़क की स्थिति का मूल्यांकन कर संभावित समस्याओं को चिन्हित करेगा।
इस तकनीक की खासियत यह है कि यह मानवीय निरीक्षण पर निर्भरता कम करते हुए वास्तविक समय के करीब निगरानी की सुविधा प्रदान कर सकती है। सड़क पर किसी भी प्रकार की क्षति दिखाई देने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचना भेजी जा सकेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार पारंपरिक निरीक्षण प्रक्रिया में समय अधिक लगता है और कई बार समस्याएं देर से सामने आती हैं। AI आधारित प्रणाली के माध्यम से गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों की पहचान तेजी से होगी, जिससे मरम्मत कार्य समय पर किया जा सकेगा और सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा।
NHAI का मानना है कि इस तकनीक से सड़क रखरखाव की गुणवत्ता बेहतर होगी, दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को अधिक सुरक्षित एवं सुगम यात्रा अनुभव मिलेगा।
इसके अलावा एकत्र किए गए डेटा का उपयोग भविष्य की सड़क परियोजनाओं की योजना बनाने और रखरखाव रणनीतियों को बेहतर बनाने में भी किया जा सकेगा। इससे संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग संभव होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI आधारित निगरानी प्रणाली भारत के सड़क बुनियादी ढांचे को स्मार्ट और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। आने वाले समय में ऐसी तकनीकों का उपयोग परिवहन और अवसंरचना क्षेत्र में और अधिक बढ़ने की संभावना है।



